लम्बी बीमारियों के इलाज में हम असफल क्यों ?

लम्बी बीमारियों (Chromic Diseases) के बहुत से कारण होते हैं (Multifactorial) । जब तक हम सभी कारणों को एक साथ दूर नहीं करेंगे , हम सफल नहीं हो पायेंगे । इसे हम एक चैन के उदाहरण से समझ सकते हैं ।

एक चैन बहुत सी कड़ियों से बनी होती है । यदि उसकी सभी कड़ियाँ मजबूत हैं और एक भी कड़ी कमजोर रह जाये तो चैन कमजोर ही रहेगी । अधिक दबाव पढ़ते ही वह उस कड़ी से टूट जायेगी । हममें से अधिकतर व्यक्तियों में कम से कम 6 से 8 कड़ियाँ कमजोर होती हैं । हमें इन सभी को मजबूत बनाना होगा । तभी हम बीमारियों से बच पायेंगे । तभी हमारी बीमारियाँ और उनकी दवाइयाँ कम या ख़त्म हो पायेंगी । हमारे अधिकतर शोध कार्य एक , दो या अधिक से अधिक तीन कारणों पर हुए है । हमें इन सभी कारणों पर एक साथ काम करना होगा ।

इसे हम एक दूसरे उदाहरण से भी समझ सकते हैं । Barrel Effect ( बैरल प्रभाव ) एक पीपा या बर्तन को हम बहुत से खाँचों से बना मान सकते हैं । जिसके कुछ खाँचे पूरी ऊँचाई तक नहीं हैं । अब यदि हम इस बर्तन में पानी डालते हैं तो वह सबसे छोटे वाले खाँचे के स्तर से ऊपर नहीं जायेगा । सोचिये कि ,उस बर्तन के 8 छोटे खाँचों में से 7 को हम ऊपर तक ले जाये । लेकिन एक छोटे खाँचे को छोड़ दें , तो भी पानी ऊपर तक नहीं आएगा । वह उस छोटे खाँचे के स्तर तक ही रहेगा और उसके बाद निकलता रहेगा । इसी तरह से यदि हम बीमारियों में किसी एक कारण को भी छोड़ते हैं तो हमारी बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं होगी । हम बीमार बने रहेगें ।