कारण वही , बीमारी अनेक (Same Causes, Different Diseases)

हमें बीमारियाँ होने के कुछ कारण होते हैं । वहीं सब कारण करीब – करीब हर लंबी बीमारी (Chronic Diseases) के लिये जिम्मेवार है । जिन कारणों की वजह से डायबीटिज होती है वही सब कारण हाई ब्लड – प्रेशर कैंसर , थायराइड , जोड़ो की बीमारी या अन्य बीमारियों के लिए जिम्मेवार है । एक जैसे कारणों की वजह से अलग – अलग बीमारियाँ होने को हम बीज और वातावरण के उदाहरण से समझ सकते हैं। विभिन्न बीजों से भिन्न – भिन्न पौधे बनते हैं । लेकिन उनका वातावरण जो कि उनके विकास के लिये जिम्मेवार है , वह एक जैसा ही होता है । उसी तरह हमारे अन्दर बीज रूपी जीन ( बीमारी की जीन ) की सरंचना में अन्तर होता है । जिस बीमारी की जीन होगी , वह बीमारी प्रकट होगी ।

दूसरा कारण बीमारी अलग – अलग होने का है कि बीमारी प्रकट एक होती है , लकिन हमारे अन्दर सैकड़ों बीमारी मौजूद होती हैं जो भविष्य में प्रकट होनी है । किसी को कोई एक बीमारी पहले पता चली तो किसी को अन्य बीमारी । इसलिए हमें बीमारी कोई भी हो ,कारणों का इलाज लगभग एक जैसा है । अलग – अलग व्यक्तियों में बीमारी अलग – अलग होने का एक और कारण हैं । ये सभी कारण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते । कुछ कारण किसी एक व्यक्ति में अधिक है और कुछ कारण अन्य व्यक्तियों में । हर कारण हर अंग पर समान रुप से हानिकारक नहीं होता । उदाहरण के लिये एल्कोहल लेने वाले के लिए लीवर की बीमारी प्रकट होने की संभावना अधिक होगी और पहले होगी । लेकिन यदि उस व्यक्ति में अन्य कारण भी हैं तो बीमारी होने की संभावना और जल्दी हो जायेगी । हम इन बीमारियों में कारणों को दूर नहीं कर रहे हैं क्योंकि किताबों में लिखा है कि इन बीमारियों का सही कारण ज्ञात नहीं है । हम केवल लक्षणों का इलाज ही कर रहे हैं । इसलिये समय के साथ बीमारी ठीक होने के स्थान पर उसकी तीव्रता बढ़ती जाती है । दवाई की मात्रा बढ़ती जाती है । अन्य बीमारियाँ भी सामने आने लगती हैं ।